शुक्रवार, फ़रवरी 21, 2014

म.प्र. में अटल ज्येति की सच्चाई , 18 से 22 घंटे तक संभागीय मुख्यालयों पर बिजली गोल

शनिवार, दिसंबर 07, 2013

शनि जब पीड़ा दे तो क्या करें - कुछ उपाय यह हैं

शुक्रवार, दिसंबर 06, 2013

चुनावी सर्वे के खतरे - राकेश अचल

चुनावी सर्वे के खतरे
राकेश अचल
लेखक ग्वालियर के वरिष्ठतम पत्रकार एवं समाजसेवी हैं
देश में कोई भी चुनाव हो "एक्जिट"पोल और सर्वे दिखने की होड़ शुरू हो जाती है .इस बार भी यही हो रहा है .पांच राज्यों के विधान सभा चुनावों के लिए मतदान के फ़ौरन बाद अखबारोब और न्यूज चैनलों में "पोस्ट पोल"दिखाने की होड़ लगी है .पहले ये काम नामचीन्ह ज्योतिषियों के हिस्से में था,लेकिन अब इस पर मीडिया का एकाधिकार हो गया है .
देश की चार सर्वे एजेंसियों ने इस बार लगभग एक जैसे नतीजे परोसे हैं .सर्वे का आधार बहुत ज्यादा वैज्ञानिक नहीं  लाखों-करोड़ों मतदाताओं की मानसिक दशा का अंदाजा कुछ हजार लोगों से बात कर नहीं निकाला जा सकता .लेकिन ऐसे प्रयोग किये जा रहे हैं .यदा-कदा ये सर्वे असल नतीजों के करीब भी हुए हैं किन्तु प्राय:इन सर्वेक्षणों को मुंह की ही खानी पड़ी है .चुनाव आयोग शुरू से इन सर्वेक्षणों के खिलाफ रहा है .राजनीतिक दलों में भी इन  पर  राय नहीं है .जिसके पक्ष में सर्वे होता है वही इनके पक्ष में खड़ा दिखाई देता है और जिसके प्रतिकूल होतें हैं वे इनकी आलोचना करते हैं
चुनाव आयोग ने इस बार मतदान प्रक्रिया आरम्भ होने के बाद ओपिनियन और एक्जिट सर्वे पर रोक लगाई तो भाई लोग पोस्ट पोल सर्वे कर लाये .पता नहीं क्यों कोई असल नतीजों के आने का इन्तजार नहीं करना चाहता ?ये पहला मौक़ा था जब अनेक राज्यों में चुनाव आयोग की सख्ती की वजह से चुनाव "उत्स्व"में तब्दील नहीं हो  मतदाता ने भी मौन साध लिया,किन्तु मीडिया वाले कहाँ मानने वाले थे,सो पोस्ट पोल की दूकान खोल कर बैठे हुए हैं .
देश में इस बार इंडिया टुडे -+ओआरजी ,टाइम्स नाउ =सी वोटर,एवीपी +नील्सन और आई बी एन 7 =सीएसडीएस ने चुनावी सर्वे किये हैं .सभी एजेंसियों ने मिजोरम को छोड़ अन्य सभी चरों राज्यों में भाजपा की सरकार बनती दिखाई है .इन नतीजों  को भाजपा ने माना है कीनू कांग्रेस ने ख़ारिज किया है लेकिन वो मतदाता मौन है जिसने इस चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लिया है .मतदाता को समझ नहीं आ रहा कि वो इन सर्वेक्षणों पर किस तरह से प्रतिक्रिया दे?जनादेश को लेकर देश के मीडिया में इस तरह की हड़बड़ी हैरान करने वाली है .ये वही मीडिया है जिसने इस देश को चुनावों के दौरान नेताओं के भाषण बिना ब्रेक के दिखाए हैं ये पेड़ न्यूज थी या नहीं ये अलग मुद्दा है किन्तु इससे जाहिर है कि मीडिया इस चुनावी प्रक्रिया में एक औजार की तरह इस्तेमाल किया गया/या हुआ .इसलिए उसके आकलन पर आँख मूँद कर भरोसा करने को लेकर कोई गम्भीर होगा कहा नहीं जा सकता
मेरे ख्याल से चुनावी नतीजों को लेकर ये उतावलापन नादानी और अनैतिकता भरा कृत्य है .ये उन करोड़ों मतदाओं का अपमान भी है जो गोपनीयता  के भरोसे मतदान करते हैं .स्वायल ये है कि क्या देश दो-चार दिन चुनाव नतीजों की प्रतीक्षा नहीं कर सकता ?या राजनितिक दल और मीडिया मिलकर मतदाता और  की  जानबूझ कर हराम कर देना चाहते हैं .मीडिया यदि इतना ही विष्वसनीय और समर्थ है तो देश में चुनावों की आवश्यक्ता ही क्या है?क्यों महंगे चुनाव कराये जाएँ?बेहतर हो कि मीडिया से ही सर्वे करा कर सरकारें बना और बिगाड़ दी जाएँ /लेकिन ये नामुमकिन है,ठीक उसी तरह जिस तरह सर्वे के आधार पर चुनाव नतीजों को लेकर कोई भविष्यवाणी करना .
हैरानी इस बात की है कि मीडिया पूर्व में भी इस तरह के आकलनों में मुंह की खा चुका है,लेकिन किसी ने इससे सबक नहीं लिया .सबको अपनी टीआरपी और प्रसार संख्या बढ़ाने की फ़िक्र है .इस अंधी और बनानी होड़ ने मीडिया की लगता कम होती जा रही विश्व्सनीयता को दांव पर लगा दिया है ..इस ज्वलंत और विवादास
पद मुद्दे पर बहस और फैसले की परम आवश्यकता है

राकेश अचल
ग्वालियर

क्या होने वाला है 8 दिसम्बर को , ज्योतिष क्या कहता है

5 दिसम्बर को शुक्र राशि बदल रहे हैं , धनु राशि को छोड़ कर मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं, वृश्च‍िक राशि में बुधादित्य योग चल रहा है, जो कि 1 दिसंबर से शुरू हुआ है और 15 दिसंबर तक कायम रहेगा, इसके बाद 20 दिसम्बर से धनु राशि में यह बुधादित्य योग इस वर्ष के अंत तक चलेगा, मंगल कन्या राशि में चल रहे हैं, गुरू मिथुन राशि में वक्री चल रहे हैं, शनि औॅर राहू की युति तुला राशि में चल रही है, आज चन्द्रमा धनु राशि में है, 8 दिसम्बर को चन्द्रमा कुम्भ राशि में होंगें .... 8 दिसम्बर को ज्योतिष चौंकाने वाले नतीजे के जहॉं संकेत देता है वहीं बली चंद्र कुम्भ राशि में जाने से चंद्र बली लोग किंचित असमंजस, परेशानी और गहरे गह्वर में डूबता महसूस करेंगें, शुक्र का राशि परिवर्तन जहॉं कुछ लोगों के लिये सुकून बन कर उभरेगा और उन्हें राजपद एवं वाहन ऐश्वर्य , राजसुख व राजभोग, स्त्री सुख, सौंदर्य तथा साधन प्रदाता बन जायेगा तो कुछ लोगों से यही सब छीन लेगा, व्यक्ति विशेष के लिये यह सब जन्म कुंडली में शुक्र की स्थिति एवं दशा महादशा, गोचर दशा एवं अष्टक वर्ग की स्थ‍िति पर निर्भर करेगा , वृश्च‍िक राशि में बुधादित्य योग सूर्य व बुध बली लोगों के लिये राजपद दाता एवं राजसुख दाता के साथ व्यवसाय व्यापार प्रदाता बनेगा विशेषकर उन लोगों के लिये जिनकी जन्म कुंडली में सूर्य और बुध अच्छी स्थ‍िति में होगें , अन्यथा यदि जन्म कुंडली में इनकी स्थ‍िति ठीक नहीं है तो बाधाकारक और रूकावट पैदा करने वाले बन जायेंगें , शनि व राहू की युति संकेत देती है कि तंत्र मंत्र यंत्र , दान दक्षिणा , जादू टोना , काला जादू, कूटनीति, नीच नीति का न केवल बोलबाला रहेगा बल्क‍ि ऐसे वे लोग जो इनका प्रयोग करेंगें सफल और कामयाब भी होंगें ..... तदनुसार यहॉं आज 8 दिसम्बर की कुंडली यहॉं प्रस्तुत एवं प्रकाशि‍त की जा रही है ....

बुधवार, मई 01, 2013

शिवराज सिंह विश्‍वसनीय और गंभीर जुबान वाले नहीं, मुख्यमंत्री लायक आदमी नहीं - दिग्विजय सिंह

दिग्विजय ने शिवराज को कहा , एक जुबान का और विश्वसनीय आदमी नहीं है, म.प्र. का मुख्य मंत्री
कैलाश विजयवर्गीय को पड़ जाये तमाचा तो वे बन जायेंगें मुख्यमंत्री, कांग्रेस के हल्ला बोल में जमकर बरसे दिग्विजय सिंह
उज्जैन , 30 अप्रेल , आज उज्जै‍न में कांग्रेस के हल्ला बोल कार्यक्रम में म.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने म.प्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर ताबड़तोड़ हमला बोलते हुये कहा है कि क्या हालत बना दी है शिवराज सिंह ने मध्यंप्रदेश की , चारों ओर बस अपराध ही अपराध , माफिया ही माफिया, गुण्डे ही गुण्डे , बलात्कार ही बलात्कार , अ.जा. / ज.जा. के लोगों पर बेतहाशा जुल्म और अत्या चार की इंतहा जो कि म.प्र के इतिहास में आज तक नहीं हुआ है । सारे रिकार्ड टूट गये हैं म.प्र. में । हमने अपनी सरकार में जो योजनायें बनाईं वे ही आज विकसित और फलीभूत हो रहीं हैं, प्रदेश की गॉंव गॉंव तक सड़कें बनाने की योजना हमने बनाई , काम हमने शुरू किया , जो हमने शुरू किया वही आज दिख रहा है , शिवराज सिंह का खुद का तो कुछ है ही नहीं खुद के पास ।
अत्याचार अपराध और अन्याय के अलावा चारों ओर भ्रष्टााचार , निरंकुश प्रशासन और अफसर , लगता है जैसे पूरे प्रदश में अराजकता ही अराजकता फैली हुयी है , प्रदेश में सरकार नाम की चीज ही नहीं रही है , प्रदेश का मुख्यमंत्री बेअसर, प्रभावहीन, और नाकारा बन कर बैठा है , कैलाश विजयवर्गीय जैसे अभद्र अशालीन भाषा बोलने, भ्रष्टाचार में आकंठ लिप्त को पाल पास रखा है , सुनने में आया है कि किसी अफसर को पार्षद चंदू शिंदे ने तमाचा मार दिया और उसके बाद उस अफसर की तरक्की हो गयी , इसका मतलब ये निकला कि अगर चंदू शिंदे एक तमाचा कैलाश विजयवर्गीय में मार दे तो कैलाश विजयवर्गीय की भी तरक्की होकर मुख्यमंत्री बन जायेंगें , एक और मंत्री विजय शाह ने भी भाजपा संस्कृति की व्याख्याा करते हुये जब शिवराज सिंह के घर में ही हाथ डाल दिया तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने उसका पद छीन लिया, लेकिन खुले आम गुण्डागिरी कर रहे और निरंतर अभद्र व अशालीन भाषा का प्रयोग कर रहे, कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा लेने की हिम्मत ही नहीं है । कैलाश विजयवर्गीय किसी में भी तमाचा मारें चाहें गाली गलौज करें , कैलाश विजयवर्गीय को संरक्षण और विजयवर्गीय द्वारा सताये गये का भक्षण । हमने गरीबों को अज जजा के लोगों को पट्टे दिये लेकिन सुनने में आ रहा है कि न केवल उनके पट्टे कैंसिल किये जा रहे बल्किह उनकी खुद की भी जमीनें छीनी जा रहीं हैं ।
निहायत ही लचर और प्रभावहीन, नियंत्रण हीन ऐसी सरकार म.प्र. के इतिहास में कभी नहीं हुयी , कोई तो म.प्र. के मुख्यलमंत्री शिवराज सिंह को महाझूठा कहता है तो कोई घोषणावीर , कोई लबरा कहता है, कोई लाफर या लाफड़ कहता है, कोई लबार कहता है, कोई लपसा कहता है तो कोई लफ्फाज कहता है , ये क्याा हाल बना रखा है शिवराज ने , कोई सुनता मानता ही नहीं है पूरे म.प्र. में शिवराज की , मुख्य मंत्री कुछ भी कहता रहे , कुछ भी बकता रहे , पूरे प्रदेश में दो कौड़ी की कदर नहीं है , अरे भई सरकार का एक रूतबा होता है , एक तेजस्विता होती है सरकार में जिससे सब कुशलता पूर्वक नियंत्रित भी होता है और सरकार भी चलती है, मुख्य मंत्री रोजाना क्या कह रहे हैं, क्याा वायदा , क्या घोषणा कर रहे हैं , न खुद को कुछ याद है , न सरकार के पास कोई हिसाब है । ये कोई मुख्ययमंत्री है कि एक घोषणा कर दे और दूसरे दिन उसी घोषणा के खिलाफ पूरी सरकार और प्रशासन ठीक उलट काम करे । मुख्य मंत्री उसे कहा जाता है कि जिसकी जुबान गंभीर हो , जिसकी बात में दम हो, वजन हो ''जिसमें यह तासीर हो , कि जो कह दिया सो कह दिया, जो कर दिया सो कर दिया, फिर पूरी सरकार और प्रशासन में दम नहीं कि उस बात के उलट कुछ कर पाये, मुख्यमंत्री द्वारा कही गयी बात के खिलाफ कोई जा सके, मुख्य मंत्री के आदेश , घोषणा या वायदे को कोई टाल सके या काट सके'' , शिवराज सिंह क्या कहते हैं और क्या् करते हैं , उनकी हर घोषणा का , हर वायदे का क्याई अंजाम होता है , केवल म.प्र. के लोग ही नहीं पूरे देश के लोग जानते हैं ।

सोमवार, अप्रैल 29, 2013

म.प्र. में कांग्रेस के प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया तेज हुयी , सौ चुनी हुयी सीटों पर गंभीरता से प्रत्याशी चयन

मध्यप्रदेश में जुलाई तक ज्यादा से ज्यादा टिकट देने की कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की घोषणा पर भले ही उनकी पार्टी के नेताओं को भरोसा नहीं हो रहा है, लेकिन उन्होंने यह ऐलान हवा में नहीं किया है। इसके लिए उन्होंने पहले से ही करीब सौ विधानसभा पर अपना होमवर्क कर लिया है। होमवर्क के आधार पर ही वे जुलाई के अंत तक सभी उम्मीदवारों का ऐलान करेंगे । सूत्रों के मुताबिक राहुल का प्रदेश आने और यहां के प्रत्येक स्तर के नेताओं से बात करने के पीछे मकसद यही था कि वे पार्टी में एक जुटता ला सकें, ताकि वे जुलाई में टिकटों का ऐलान हो सके, जिससे कार्यकर्ता अपने प्रत्याशी के काम में काम कर सकें। सूत्रों का कहना है कि अधिकांश विधायक फिर से मैदान में उतारे जाएंगे। इनके अलावा करीब 30 से 40 सीटों पर राहुल गांधी की टीम ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई है। जिसके आधार पर इन सीटों से टिकट दिए जा सकते हैं। इनमेंअधिकांश वे क्षेत्र हैं जिन पर कांग्रेस लंबे अरसे से जीत दर्ज नहीं कर सकी है। ऐसे करीब एक दर्जन क्षेत्रों से युवा कांग्रेस के नेताओं को मुकाबले के लिए उतारे जाने की तैयारी है। इसके अलावा कुछ ऐसे भी क्षेत्र हैं जहां पर कांग्रेस के हारे हुए उम्मीदवारों की फिर से पकड़ बनी है। पार्टी की पहली सूची में टिकट का वितरण सिर्फ जीत के पैमाने पर ही केंद्रित रहेगा ।

गुरुवार, दिसंबर 27, 2012

महाझूठे शिवराज सिंह के खस्ताहाल मध्यप्रदेश में बिजली कटौती फिर सिर चढ़ कर बोली

संभागीय मुख्यालय पर 16 घंटे और जिला मुख्यालयों पर 20 घंटे की बिजली कटौती
मुरैना 27 दिसंबर 12, स्वर्णिम म.प्र. बनाने का पिछले चार साल से दावा और वादा कर रही म.प्र. की शिवराज सिंह सरकार के बुरी तरह खस्ताहाल मध्यप्रदेश में पिछले एक हफ्ते से बिजली कटौती का कहर टूट पड़ा है । विकास और प्रगति के मामले में घुटनों पर रेंग रही म.प्र. की सरकार जब सन 2003 में सत्ता आई तो महज एक महीने के अंद 24 घंटे बिजली देने का वायदा करके आई । मगर हालात का आलम ये है कि भाजपा की सरकार को सत्‍ता में आये पूरे 10 साल गुजर गये 24 घंटे बिजली देना तो दूर आठ घंटे भी बिजली आज तक म.प्र. को मयस्सर नहीं करा पाई ।
सन 2008 के विधानसभा चुनावों में शिवराज सिंह चम्बल में पोरसा एवं जौरा की चुनावी सभाओं में वायदा करके गये थे कि पिछले 5 साल में हम आपको बिजली नहीं दे पाये लेकिन अब मेरा वायदा है कि अब अगर मेरी सरकार बनी तो मैं आपको 24 घंटे बिजली दूंगा , पोरसा की सभा में शिवराज सिंह ने यह वायदा किया कि अगर अबकी बार बरसात अच्छी हुयी तो मैं आपको 24 घंटे बिजली दूंगा , संयोगवश उस साल बहुत अच्छी वारिश हो गयी , बांघ ओवरफुल हो गये काफी पानी बांधों को खोलकर बाहर निकालना पड़ा तो चार पॉंच महीने बाद जौरा में हुयी शिवराज सिंह ने पलटी मारते हुये कहा कि अगर अबकी बार मेरी सरकार बनी तो आपको 24 घंटे बिजली दूंगा , संयोगवश शिवराज सिंह की सरकार भी बन गई तो अगले महीने ही शिवराज सिंह ने बयान दिया कि मैं क्या करूं केन्द्र कोयला ही नहीं दे रहा , मैं प्रदेश को बिजली कैसे दूं , इसके बाद जब केन्द्रीय कोयला मंत्री ने म.प्र. में आकर बयान दिया कि जितना चाहिये उतना कोयला लो , कोयले की कोई कमी नहीं है , पैसा दो और कोयला लो , तब उसके अगले महीने से शिवराज सिंह ने कहना शुरू किया कि केन्द्र घटिया कोयला दे रहा है , मैं क्‍या करूं प्रदेश को बिजली कैसे दूं , इसके कुछ समय बाद शिवराज सिंह ने कहा कि सबके फीछर अलग अलग किये जा रहे हैं , फीछर अलग अलग होते ही प्रदेश को 24 घंटे बिजली दूंगा । फीडर भी अलग अलग कर दिये गये प्रदेश में कटिया डालना भी सन 2010 में ही बंद करा दिया गया, हाईटेंशन लाइनें सीधे हर घर तक डाल कर घर घर में मीटर टांग दिये गये बिजली के बिल आठ गुना तक बढ़ा दिये गये , दिग्विजय सिंह के शासनकाल में जिन घरों में बिजली का बिल 200 रूपये आता था उन घरों का बिजली का बिल 2000 रूपये महीने से भी ऊपर आने लगा मगर बिजली फिर भी प्रदेश को मयस्सर नहीं हुयी ।
हाल ये है कि अब तासे शिवराज सिंह के पास कोई बहाना भी नहीं बचा , अगले साल सन 2013 में फिर विधानसभा चुनाव है , सुनने में आ रहा है कि अब शिवराज सिंह चुनाव के ऐन वक्त पर प्रदेश को 24 घंटे बिजली देंगें , सवाल यह है कि दस साल तक म.प्र. को खून के ऑंसू रूला देने वाले शिवराज सिंह को दस महीने चुनाव काल में बिजली देने का जनता पुरूकार देगी या दंड । यह देखने की बात होगी कि पत्ते पत्ते पर गुलांटी खाने वाले, महज घोषणायें करने और लगातार दनादन झूठ बालने शिवराज सिंह को प्रदेश की जनता अबकी बार पुन: सत्तासीन करेगी या सत्ता से बाहर धकेल कर सदा सर्वदा के लिये राजनीति से बाहर कर देगी ।  

शनिवार, अक्टूबर 20, 2012

कलेक्टर द्वारा 6 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

भिण्ड | 19-अक्तूबर-2012  कलेक्टर श्री अखिलेश श्रीवास्तव ने लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के तहत आवेदकों से प्राप्त आवेदन-पत्रों तथा निराकृत आवेदन पत्रों की प्रगति लोक सेवा  प्रबंधन विभाग की वेवसाइट पर ऑनलाईन फीड न करने के कारण 6 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब-तलब किया है। ये अधिकारी हैं श्री जे.एल.तिवारी नायब तहसीलदार ऊमरी, श्री आर.एन.मिश्रा नायब तहसीलदार फूफ, श्री सुरेश श्रीवास्तव नायब तहसीलदार पीपरी, श्री चिरंजीत सिंह श्रम पदाधिकारी भिण्ड, श्री के.एन.शर्मा सब इंजीनियर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग परा एवं श्री व्ही.के.जैन सब इंजीनियर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ऊमरी।

कलेक्टर ने लगाई चार पटवारियों की पेशी

भिण्ड | 19-अक्तूबर-2012  कलेक्टर श्री अखिलेश श्रीवास्तव ने जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के आधार पर चार पटवारियों की अपने समक्ष सुनवाई के लिए 23 अक्टूबर 012 को संध्या चार बजे पेशी लगाई है। 
इनमें से ग्राम बरासों के पटवारी, ग्राम खितोली, ग्राम खनेता के पटवारी, ग्राम मुड़ियाखेरा के पटवारी तथा ग्राम परसाला के पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक की पेशी लगाई गई है।

जिले में खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर पूर्णतः नियंत्रण रखने हेतु कलेक्टर ने सौंपे विभिन्न विभागों को दायित्व

भिण्ड | 19-अक्तूबर-2012  कलेक्टर  अखिलेश श्रीवास्तव ने जिले में खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर पूर्णतः नियंत्रण रखने हेतु विभिन्न विभागों को अलग-अलग दायित्व सौंपे है। कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए है कि वे जिले में किसी भी स्थान पर खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के समय रॉयल्टी न होने पर संबंधित के विरूद्व धारा 379/380 आईपीसी सहित खनिज चोरी का प्रकरण दर्ज कराना सुनिश्चित करें। साथ ही वाहनों में क्षमता से अधिक खनिज भरा होने पर मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। यदि खनिज परिवहन करने वाला वाहन खनिज विभाग में पंजीकृत नहीं है, तो उसके मालिक के विरूद्व आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित किया जाए। 
कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रभार क्षेत्र में खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के प्रकरण तैयार कर प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। उन्होंने चंबल अभ्यारण क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन किए जाने पर संबंधितों के विरूद्व वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के वन मण्डलाधिकारी को निर्देश दिए है। कलेक्टर ने जिले में ओवरलोडेड खनिज परिवहन करने वालों के विरूद्व मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए है। उन्होंने खनिज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि पुलिस विभाग एवं राजस्व विभाग से समन्वय करते हुए खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के प्रकरणों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध उत्खनन करने वालों के विरूद्व म.प्र. गौण खनिज नियम के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई करने के खनिज अधिकारी को निर्देश दिए है।

शुक्रवार, अक्टूबर 19, 2012

फोटोयुक्त मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का कमिश्नर ने मतदान केन्द्रों पर जाकर लिया जायजा

जिले में चल रहे फोटोयुक्त मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का चंबल संभाग के कमिश्नर श्री अशोक शिवहरे ने आज विभिन्न मतदान केन्द्रों पर जाकर जायजा लिया और बीएलओ को मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य शुद्धता के साथ निष्पादित करने के कड़े निर्देश दिए। कमिश्नर श्री शिवहरे ने मेहगांव जनपदीय अंचल के ग्राम परोसा के मतदान केन्द्रों और गोरमी के मतदान केन्द्रों का आज अचानक दौरा कर फोटोयुक्त मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया।  
    कमिश्नर ने निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मेहगांव एवं तहसीलदार मेहगांव को निर्देश दिए कि वे बीएलओ को घर-घर पहुंचाकर मतदाताओं का सर्वे कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिस दिन बीएलओ मतदाताओं के घर-घर जाकर सर्वे करेंगे, उसके बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार कराकर मतदाताओं को सूचित कराया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध बनाई जाए और उसमें कोई त्रुटि न छोड़ी जाए। उन्होंने घर-घर जाकर सर्वे कार्य करने में बीएलओ को सहयोग देने के लिए एक बीएलओ के साथ एक पटवारी तैनात करने के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मेहगांव को निर्देश दिए।
    कमिश्नर ने बीएलओ को निर्देश दिए कि वे जब भी घर-घर जाकर भ्रमण करें, तो यह ध्यान रखें कि अगर किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में गलत अंकित हो गया है, तो उसका नाम सही करें। अगर किसी मतदाता की आयु गलत दर्ज हो गई है, तो आयु को सही करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी मतदाता की मृत्यु हो गई है, तो उसको नोट कर लें और उस मतदाता का नाम मतदाता सूची से विलोपित कराने हेतु तहसीलदार को प्रस्ताव भेजें। कमिश्नर ने कहा कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए 18 वर्ष आयु के मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इस आयु वर्ग का कोई मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटने पाए।
    कमिश्नर ने बीएलओ को निर्देश दिए कि मतदाताओं द्वारा बीएलओ को जो भी आवेदन फार्म प्रस्तुत किए जाए, उसकी उनको पावती अवश्य दी जाए। उन्होंने बीएलओ को निर्देश दिए कि वे यह भी सुनिश्चित करें कि किसी मतदाता का नाम दो जगह की मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे मतदाताओं को समझाएं कि दो जगह मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसा करने वाले मतदाताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसलिए यह उनके हित में है कि वे एक जगह की मतदाता सूची से अपना नाम विलोपित करा दें।
    कमिश्नर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देश दिए कि वे सही मतदाता सूची बनाने के लिए आम लोगों को जागरूक करें। इसके लिए वे जनप्रतिनिधियों, राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों, प्रतिष्ठित व्यावसाईयों एवं शिक्षकों आदि की बैठक लेकर उन्हें सही मतदाता सूची बनाने में सहयोग देने के प्रति जागरूक करें। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देश दिए कि वे बीएलओ को उनके कर्तव्यों से अवगत कराना सुनिश्चित करें, ताकि वे सुचारू रूप से अपने कार्य का निष्पादन कर सकें। कमिश्नर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देश दिए कि वे बीएलओ को उनके कर्तव्यों के प्रति प्रशिक्षित भी कराएं।
    कमिश्नर ने साफ शब्दों में कहा कि मतदाता सूची सही-सही बनाई जानी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहाकि सही मतदाता सूची बनाने के लिए आम लोगों को जागरूक किया जाए और उन्हें समझाईश दी जाए कि अगर मतदाता सूची में किसी का नाम गलत अंकित हो गया है, अथवा आयु गलत लिख गई है अथवा किसी मतदाता की मृत्यु हो गई है या किसी मतदाता के पिता या पति का नाम गलत दर्ज हो गया है अथवा फोटो गलत लग गया है, तो उसको दुरूस्त कराने हेतु वे शीघ्र आगे आए, ताकि सही मतदाता सूची बन सके। उन्होंने मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए पूरी निष्ठा, मेहतन एवं लगन से कार्य करने के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार और बीएलओ को निर्देश दिए।

गुरुवार, अक्टूबर 18, 2012

पिता को गुजारा भत्ता देने हेतु मामला पुत्रों के खिलाफ दर्ज करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश

कलेक्टर श्री अखिलेश श्रीवास्तव ने कुम्हरौआ निवासी 68 वर्षीय श्री बाबूराम को गुजारा भत्ता देने हेतु उसके तीन पुत्रों के खिलाफ माता- पिता भरण पोषण अधिनियम के अन्तर्गत मामला चलाने हेतु यह कहते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भिण्ड को निर्देश दिया है कि पुत्र अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्हें अपने पिता को गुजारा भत्ता देना ही होगा। बाबूराम ने आज जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन पत्र देकर बताया कि उसके तीन पुत्रों ने उसको घर से बेदखल कर दिया है और उसको खाने पीने को नहीं दे रहे हैं।
    एक ट्रेक्टर दुघर्टना में दोंनो पैरों से घायल चंदूपुरा निवासी बिलंदी ने आज कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर अपनी गरीबी का हवाला देते हुए उनसे तत्काल राहत प्रदान करने की फरियाद की। कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसी वक्त बिलंदी को भारतीय रेडक्रास सोसायटी से पांच हजार रूपए का चेक दिलाया और घटना की जांच कर हफ्तेभर में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के तहसीलदार भिण्ड को निर्देश दिए। कलेक्टर ने बिलंदी को भरोसा दिलाया कि जांच प्रतिवेदन आने के बाद उसको सोलेशियम फण्ड योजना के तहत 25 हजार रूपए की सहायता मंजूर कर दी जाएगी।
    पिपरोली निवासी रामसिया ने अपनी बीमारी के ईलाज सहित भोजन की व्यवस्था और आर्थिक इमदाद उपलब्ध कराने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने रामसिया की बीमारी के समुचित उपचार की व्यवस्था कराने के सिविल सर्जन को निर्देश दिए और उसके भोजन की व्यवस्था कराने के उप संचालक सामाजिक न्याय को निर्देश दिए। उन्होंने रामसिया को भारतीय रेडक्रास सोसायटी से एक हजार रूपए की वित्तीय सहायता भी मंजूर की।
    कलेक्टर ने खुतला निवासी गेंदालाल की बीमारी के उपचार हेतु प्राप्त आवेदन पर फौरी कार्रवाई करते हुए उसके समुचित उपचार की व्यवस्था करने के सिविल सर्जन को निर्देश दिए। भिण्ड निवासी नरेश कुमार सक्सैना ने कलेक्टर को बताया कि उसकी पुत्री आरती को स्कूल में पढ़ते समय बंदरों ने काट लिया है। उसने उसके उपचार की व्यवस्था कराने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने आरती के समुचित उपचार की व्यवस्था करने के सिविल सर्जन को निर्देश दिए। भिण्ड निवासी तस्लीमबानो ने कलेक्टर को शिकायत करते हुए बताया कि उसके कान में खराबी है और वह इसकी बाकायदा मेडीकल जांच जिला अस्पताल में करा चुकी है, मगर उसको विकलांगता प्रमाण पत्र बनाकर नहीं दिया जा रहा है। उसने विकलांगता प्रमाण पत्र दिलवाने की फरियाद की। कलेक्टर ने तस्लीमबानों को विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने हेतु उचित कार्रवाई करने के सिविल सर्जन को निर्देश दिए।
    आज जनसुनवाई में मौ निवासी सरोज एवं तबसो, भिण्ड निवासी तवस्सुम एवं कमला सोनी तथा पोरसा निवासी सीमा जैन ने कलेक्टर को बताया कि उनके पति उनके साथ मारपीट कर परेशान करते है और उनको घर से बाहर निकाल दिया है। कलेक्टर ने इन महिलाओं के पतियों के खिलाफ घरेलू हिंसा अधिनियम के अन्तर्गत मामले दर्ज कराने के जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास को निर्देश दिए। परोसा का पुरा निवासी सुनीता मिश्रा ने कलेक्टर को बताया कि उसका पति उसे छोड़कर कहीं चला गया है और वह उसकी तलाश में वर्षों से भटक रही है। उसने इस मामले में शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने सुनीता के मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई करने के जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास को निर्देश दिए। गौरई निवासी महिला कृषक श्रीमती रूबी चौहान ने शिकायती आवेदन प्रस्तुत कर कलेक्टर को बताया कि गांव की प्राथमिक सहकारी सेवा समिति उसको संस्था का सदस्य नहीं बना रही है, जिस वजह से उसको खाद नहीं मिल पा रहा है। कलेक्टर ने इस मामले में तत्काल उचित कार्रवाई करने के महाप्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को निर्देश दिए।
    जखमोली के रहने वाले अनुसूचित जाति वर्ग के कई ग्रामवासियों ने कलेक्टर से शिकायत की कि गांव के एक दबंग व्यक्ति ने उनके इन्दिरा आवास कुटीरों को तोड़कर उनको बेघर कर दिया है। उन्होंने इस मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई करने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने इस मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई करने के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भिण्ड को निर्देश दिए। परसाला के कुछ काश्तकारों ने कलेक्टर से शिकायत की कि उन्हें गांव के पटवारी द्वारा ऋण पुस्तिकाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही है और ऋण पुस्तिकाएं देने के लिए उनसे पैसे मांगे जा रहे है। कलेक्टर ने इस मामले में वस्तुस्थिति जानने के लिए 23 अक्टूबर को अपने समक्ष गांव के पटवारी की पेशी लगाने के संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए।

26 अक्टूबर के बाद नहरों में छोड़ा जाएगा पानी , सिंचाई हेतु सबसे पहले अंतिम छोर के किसानों को पानी मुहैया कराने के कलेक्टर ने दिए निर्देश

भिण्ड कलेक्टर  अखिलेश श्रीवास्तव ने सिंचाई के लिए सबसे पहले अंतिम छोर के किसानों को पानी उपलब्ध कराने के जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्रियों को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने इस आशय के निर्देश यहां गत दिवस सम्पन्न हुई जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री भिण्ड श्री के.एन.शर्मा, कार्यपालन यंत्री लहार श्री राजेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री गोहद श्री पी.के. गच्च एवं कार्यपालन यंत्री मुरैना श्री आर.पी.झा तथा जिले की जल उपभोक्ता संथाओं के अध्यक्ष उपस्थित थे।
    कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्रियों को निर्देश दिए कि नहरों से पानी को इस तरह छोड़ा जाए कि कोई भी किसान पानी से वंचित ना रहने पाए। उन्होंने कहा कि नहरों को दुरूस्त रखते हुए सुनियोजित ढंग से पानी छोड़ने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्रियों द्वारा ध्यान आकर्षित कराए जाने पर जल संसाधन विभाग के मैदानी अमले की माह मार्च 2013 तक नहरों से जल प्रदाय संबंधी कार्य को छोड़कर अन्य कार्यों में ड्यूटी ना लगाए जाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि नहरें काटने अथवा जल प्रदाय व्यवस्था को बिगाड़ने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
    बैठक में बताया गया कि बिलौआ बांध से 26 अक्टूबर के बाद नहरों के लिए पानी छोड़ा जाएगा, जो 30 अक्टूबर तक भिण्ड जिले के अंतिम छोर तक पहुंच जाएगा। जिले में रबी फसलों के लिए 1 लाख 22 हजार 537 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में जानकारी दी गई कि नहरों से पानी लेने के लिए सिर्फ 5 हॉर्सपावर तक के मोटर पंप लगाए जा सकेंगे। मगर इसके लिए क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अगर इससे अधिक क्षमता के मोटर पंप लगाए गए, तो संबंधित किसान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक जल उपभोक्ता संस्था के अध्यक्ष द्वारा अटेर क्षेत्र में किसानों को पिछली सिंचाई के गलत राशि के बिल दिए जाने की ओर ध्यान आकर्षित कराए जाने पर कलेक्टर ने शिविर लगाकर बिल संशोधित करने के कार्यपालन यंत्री मुरैना को निर्देश दिए।

पदाभिहित अधिकारियों एवं अपीलीय अधिकारियों का 18 अक्टूबर से चार दिवसीय प्रशिक्षण

Bhind. यहां हाउसिंग कॉलौनी में लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के तहत लहार एवं रौन विकास खण्ड के पदाभिहित अधिकारियों तथा प्रथम एवं द्वितीय अपीलीय अधिकारियों का 18 अक्टूबर से प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 18, 19 एवं 22 तथा 23 अक्टूबर को रखा गया है। प्रशिक्षण प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक चलेगा। यह प्रशिक्षण बेसिक कम्प्यूटर एवं एप्लीकेशन साफ्टवेयर पर दिया जाएगा।

कलेक्टर द्वारा दो थाना प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस

भिण्ड कलेक्टर अखिलेश श्रीवास्तव ने म.प्र. लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों और उनके निराकरण की प्रगति की जानकारी लोक सेवा प्रबंधन विभाग की बेवसाईट पर ऑनलाईन फीड न करने के कारण थाना प्रभारी पुलिस थाना अजाक भिण्ड एवं थाना प्रभारी पुलिस थाना अमायन को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया है।

गुरुवार, अगस्त 09, 2012

भाजपा की थुक्का फजीहत, शिवराज सिंह की चोंचलेबाजी ध्वस्त चम्बल में शर्मनाक हार के कगार पर बीजेपी, कांग्रेस में होगा भारी फेरबदल

भाजपा की थुक्का फजीहत, शिवराज सिंह की चोंचलेबाजी ध्वस्त चम्बल में शर्मनाक हार के कगार पर बीजेपी, कांग्रेस में होगा भारी फेरबदल
नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनंद''
मुरैना डायरी
नेताओं की पिटाई के आसार
चंबल में नेताओं की पिटाई की जाना या उन्हें अपमानित किया जाना वैसे तो कोई नई बात नहीं है । काफी समय पूर्व स्व. माधव राव सिंधिया को अम्बाह में बालों में व चेहरे पर धूल भरकर और फेंक कर, भाजपा नेता व पूर्व भाजपा सरकार के मंत्री मुंशीलाल के कपड़े फाड़ कर और रस्सी से बांध कर कुँयें में लटका कर उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र में ही जनता द्वारा पिटाई की जा चुकी है , वहीं भाजपा के टिकिट पर अम्बाह विधानसभा चुनाव से लड़ चुके स्व. वृषभान वर्मा की भी पिटाई कर अंबाह में कपड़े फाड़ दिये गये थे , वैसे ही आसार अब नजर आ रहे हैं । जनता में भाजपा की शिवराज सरकार के प्रति जहॉं विकट व भयंकर आक्रोश व्याप्त है वहीं अपने जन प्रतिनिधियों से भी जनता संतुष्ट नहीं है । कोई शक नहीं किसी दिन किसी नेता या जनप्रतिनिधि की बुरी तरह पिटाई जनता कर दे । ऐसा नहीं है कि जन प्रतिनिधि इस आशंका से अनभिज्ञ हों, पर्याप्त जन खौफ के चलते जन प्रतिनिधियों की यह हालत है कि वे हरदम मुकम्मल संगीनों के सायें में संभावित पिटाई के चलते चला करते हैं ।
रामदेव के बारे में कहना अप्रासंगिक नहीं होगा कि जनता के खौफ से बुरी तरह खौफजदा शिवराज सरकार ने चम्बल क्षेत्र से रामदेव की यात्रा निकलते वक्त संगीनों के जाल बिछा दिये थे तब जाकर बमुश्किल रामदेव चम्बल से गुजर पाये थे ।
शिवराज सरकार की फेलुअरिटी का सबसे बुरा असर भारतीय जनता पार्टी पर पड़ा है , शिवराज सरकार की नाकामियों और लचरपने के कारण केवल मध्यप्रदेश में ही भाजपा नुकसान उठाने जा रही हो ऐसा नहीं है, बल्कि हालिया यू.पी. चुनावों में और आसन्न गुजरात व अन्य राज्यों के चुनावों में भी भाजपा शिवराज सिंह के पापों का दण्ड भोगेगी ।
मूल वजह यह है कि म.प्र. में हो रही प्रत्येक घटना आजकल फेसबुक, टिवटर और इंटरनेट के कारण तुरंत देश व्यापी बन जाती है और गॉंव कस्बों तक पहुँच जाती है यहॉं उल्लेखनीय है कि चंबल के करीब 20 हजार स्थानीय लोग  अकेले फेसबुक पर ही मौजूद हैं ,जो कि त्वरित प्रतिक्रियावादी हैं ।  फेसबुक पर टिवटर पर या इंटरनेट पर जो भी चल रहा है उसमें शिवराज सिंह और भाजपा की भूमिका महज एक विदूषक या मसखरे जैसी हो कर रह गई है । शिवराज सिंह और भाजपा दोनों ही फेसबुक, टिवटर और इंटरनेट की दुनियॉं में मसखरे खलनायक मात्र बन कर रह गये हैं ।
भाजपा के मुरैना सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की जमीनी हालत बहुत ज्यादा खराब है  और जैसा कि सुनने में आ रहा है कि अबकी बार कांग्रेस भी मुरैना लोकसभा सीट से किसी तोमर राजपूत को ही मैदान में उतारेगी ऐसी दशा में भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री और मुरैना सांसद की जमानत जप्त हो जाना लाजमी है । यहॉं स्मरणीय है कि राजपूत बाहुल्य इस लोकसभा सीअ पर पिछले चुनावों में नरेन्द्र सिंह तोमर के विरूद्ध किसी भी राजपूत ने चुनाव नहीं लड़ा था और कांग्रेस ने राम निवास रावत को टिकिट देकर तथा बसपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी बलवीर सिंह डण्डोतिया को टिकिट देकर मुरैना लोकसभा सीट सहज ही थाली में परोस कर भाजपा के नरेन्द्र सिंह तोमर को उपहार में दे दी थी । आज स्थति उलट हो गयी है , नरेन्द्र सिंह तोमर जहॉं चम्बल अंचल में एक दुष्ट खलनायक बन गये हैं वहीं कांग्रेस प्रत्याशी किसी तोमर के आने से सन 2014 के लोकसभा चुनावों में या तो नरेन्द्र सिंह तोमर को मुरैना से भागना पड़ेगा या जमानत जप्त करानी होगी । स्मरणीय व उल्लेखनीय है कि नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर से संभावित हार के चलते भाग कर मुरैना आये थे और मुरैना में कांग्रेस से या अन्य किसी पार्टी से मुकाबला नहीं मिलने के कारण भाग्यवश मुरैना सांसद बन बैठे थे लेकिन कांग्रेस की गर्मजोश सक्रियता और जनता का उनके खिलाफ रोष व आक्रोश के कारण सन 2014 में मुरैना लोकसभा के परिणाम लगभग साफ साफ तय हैं कि भाजपा के खिलाफ जायेंगें । सन 2013 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में भी चम्बल में भाजपा को सीट मिलना लगभग नामुमकिन है जबकि एक समय में चम्बल भाजपा का आधारभूत व ठोस गढ़ थी जिसकी विरासत को भाजपा नेताओं लुच्चेपन व छिछोरी हरकतों ने तबाह कर इस मुकाम पर पहुँचा दिया कि अब आने वाले वक्त में चंबल में भाजपा के नाम लेवा और पानी देवा बड़ी मुश्किल से मिलेंगें ।
कांग्रेस में तगड़े फेरबदल होंगें
चम्बल में अक्टूबर या नवंबर में कांग्रेस के पइदाधिकारियों में बहुत बड़े फेरबदल होंगें , विश्वसनीय सूत्रों से प्राइज़ जानकारी के अनुसार म.प्र. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल की ग्वालियर चम्बल यात्रा सितम्बर के महीने में प्रस्तावित है , चर्चाओं के मुताबिक यह यात्रा दतिया पीताम्बरा पीठ से अगस्त के आखरी हफ्ते में शुरू होगी और सितम्बर के महीने में चम्बल से गुजरेगी जिसमें हर जिले में  8 या 10 से 12 या 13 दिन यात्रा भ्रमण करेगी इसके साथ ही दो या तीन दिन का रात्रि कालीन विश्राम भी  नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल हर जिले में करेंगें जिसमें छोटी तहसील या कस्बे में भी रात्रि विश्राम शामिल है । इसी यात्रा के इरम्यान कुछ युवा व प्रभावशाली लोग कांग्रेस में जुड़ेंगें और उसके बाद कांग्रेस में सक्रिय व सशक्त सक्षम प्रभावी लोगों को कांग्रेस पदाधिकारियों में स्थान व तरजीह दी जायेगी । उल्लेखनीय है कि चम्बल में वर्तमान कांग्रेस पदाधिकारियों के क्रियाकलापों व क्रियाशीलता से कांग्रेस आलाकमान संतुष्ट नहीं हैं वहीं कांग्रेस पदाधिकारियों के भाजपा से सांठगांठ एवं बिके होने के आरोप मुखर होकर दिल्ली तक पहुँच चुके हैं ।
हाल ही में भोपाल में घटित रश्मि पंवार एवं भिण्ड विधायक राकेश चतुर्वेदी व कल्पना पारूलेकर कांड व एपिसोड को लेकर भी कांग्रेस आलाकमान व राहुल गांधी टीम में भारी नाराजगी है । आने वाले वक्त इन कांडों व एपिसोड के हानि लाभ का प्रभाव भी कांग्रेस में होने वाले आगामी फेर बदल पर व्यापक रूप से पड़ेगा । रश्मि पंवार को पुरूस्कृत करने व राकेश चौधरी व कल्पना पारूलेकर का नुकसान उठाना लगभग तय है । 
अगले अंक में जारी .....

शुक्रवार, जुलाई 06, 2012

भारी बिजली कटौती के वावजूद जनता से जवरन बसूले गये धन की वापसी करायेगी युवा कांग्रेस,जनहित याचिका आयेगी , शवयात्रा निकलेंगीं और फुकेंगें सरकार के पुतले

भारी बिजली कटौती के वावजूद जनता से जवरन बसूले गये धन की वापसी करायेगी युवा कांग्रेस
जनहित याचिका आयेगी , शवयात्रा निकलेंगीं और फुकेंगें सरकार के पुतले  
मुरैना ! दिनांक 6 जुलाई 2012। युवा कांग्रेस के लोकसभा अध्यक्ष दीपक शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है। कि मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र में प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा दिसंम्बर 2003 से लेकर अब तक की गयी अनाप-शनाप बिजली कटौती के बाबजूद जनता के गाढें खून पसीने की कमाई का धन पूरे महीने का सतत् विद्युत सप्लाई का बिल देकर पूर्व की तरह बसूले किये जाने पर आपत्ति जताते हुये युवा कांग्रेस ने मध्यप्रदेश शासन,मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंम्पनी एंव जिला प्रशासन से मॉग की है कि बिना बिजली दिये सम्पूर्ण मास की बिल बसूली अवैध व आपत्ति जनक होने के कारण बसूली गयी यह राशि जनता को वापस की जाये।         उल्लेखनीय है कि दिसंम्बर 2003 से लेकर सम्पूर्ण मुरैना जिले में औसत बिल बसूली के नाम पर पूरे माह सतत् विद्युत सप्लाई का बिल देकर जनता से बिल बसूला जाता जा रहा है जो कि चौबीस घण्टे सतत् सप्लाई का बिल होता है लेकिन पूर्व में मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंण्डल एंव वर्तमान में मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंम्पनी में बिजली कटौती के पूर्व जिस प्रकार पूरे मास का बिल दिया जाता था उसी प्रकार बिल देना तो जारी रखा लेकिन बिजली कटौती जारी रखी और कटौती के कारण उपभोक्ताओं को हुई प्रदाय हानि को बिलो में नही धटाया गया जबकि जितनी बिजली काटी गयी थी उसके अनुपात में उतनी राशि बिलो में घटाई जानी थी।     युवा कांग्रेस ने इसी डिफरेंस राशि को मुरैना-श्योपुर जिले के उपभोक्ताओ को वापस दिलाने के लिये अभियानात्मक आंन्दोलन छेड़ा है।                       इसके अतिरिक्त मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र में राजीव गॉधी विद्युतीकरण योजना के तहत हुये कार्यो,सबधिंत मान दण्डो,परियोजना में हुऐ करोड़ो के घोटालो,परियोजना कार्य में संलग्न कंम्पनीयो  की भी भूमिका सदिग्ध व माप दण्ड व गुणवत्ता बिहीन कार्यों एंव पूरी परियोजना में चहुँ ओर घपला एंव घोटाला होने पर भी युवक कांग्रेस ने रोष जताया है।   अभियान के पहले चरण में सूचना के अधिकार के तहत युवा कांग्रेस ने मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी से आठ बिन्दूओ के तहत विभिन्न जानकारीयॉ मॉगी है, इन जानकारीयों के प्राप्त होने या न होने के आधार पर आन्दोलन की आगे की रणनीति तय की जायेगी।                                             अभियान के दूसरे चरण में युवा कांग्रेस इन्ही समस्याओं को लेकर सम्पूर्ण संसदीय क्षेत्र में मैदानी विरोध प्रदर्शन करेगी जिसमें विध्दृत व्यवस्था की शवयात्रा निकालने सहित, प्रत्येक तहसील पर शिवराज सरकार के पुतले फूंके जायेंगें  जनहित याचिका लायी जायेगी और माननीय न्यायालय से बिजली कटौती के दरम्यान वसूले गये जनता के धन की वापसी कराये जाने का अनुरोध किया जायेगा ! युवा कांग्रेस द्वारा आकलित खपत के नाम पर दिये जा रहे मनमाने जबरन बिलों पर भी सख्त रोष व्यक्त किया है !